परमेसर संूडरौ अर उणरी स्तुति करौ। क्यूंक्यूं ैउणरैन्याय करण रौ समै आयग्यौ है।उणरी उपासना करौ, जकौ आकास, धरती, सागर अर जळस्रोतांरी रचना करी है। Post Views: 0